आगरा जिले के थाना एत्मादपुर क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मारपीट के एक मुकदमे में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। न्याय न मिलने से परेशान होकर पीड़ित ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना एत्मादपुर में वर्ष 2026 के मुकदमा अपराध संख्या 0176/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में भूरा, देवेंद्र, विपिन, शीटू, कन्हैया, रामू पुत्रगण पन्नालाल निवासी ग्राम धौर्रा, थाना एत्मादपुर तथा रोहित पुत्र रिकू निवासी टेढ़ी बगिया, आगरा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पीड़ित पक्ष पर हमला किया, जिसमें अर्जुन, अवनीश, होतीलाल, सोनवीर और दयाश्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़ितों का कहना है कि सोनवीर के हाथ में फ्रैक्चर हुआ तथा कमर की नसों में गंभीर चोट आई। वहीं होतीलाल, अवनीश और सोनवीर के सिर में भी गंभीर चोटें लगीं। सभी घायलों का उपचार जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में कराया गया।
पीड़ित सोनवीर का आरोप है कि घटना को काफी समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि आरोपी कह रहे हैं कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है। सोनवीर और अर्जुन ने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है, जिससे आरोपियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
इसी को लेकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गंभीर विवेचना कराई जाए, आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करते हुए उनकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
