मेरठ (उत्तर प्रदेश)। मेरठ निवासी प्रियंका देवी ने अपनी विवाहित बेटी रिया की कुशलक्षेम को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका आरोप है कि वर्ष 2024 में उनकी बेटी रिया की शादी जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के ग्राम मान्ही नागली निवासी दीपांशु के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही उनकी बेटी का मायके आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है और परिवार को उससे स्वतंत्र रूप से बातचीत तक नहीं करने दी जा रही है। पीड़िता का कहना है कि इस कारण पूरा परिवार मानसिक तनाव और चिंता में जीवन व्यतीत कर रहा है।
प्रियंका देवी के अनुसार दिसंबर 2024 में बेटी के ससुराल जाने के बाद से आज तक उसे मायके नहीं भेजा गया। उनका आरोप है कि जब भी परिवार रिया से फोन पर बात करने की कोशिश करता है, या तो बातचीत नहीं कराई जाती या फिर उस पर कथित रूप से निगरानी रखी जाती है, जिससे वह खुलकर अपनी बात नहीं कह पाती। उनका कहना है कि यदि सब कुछ सामान्य है तो बेटी को कुछ दिनों के लिए मायके आने और अपने परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है।
पीड़िता का कहना है कि उनकी बेटी रिया पढ़ी-लिखी, शांत स्वभाव की और संस्कारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद एक बातचीत के दौरान रिया ने उन्हें बताया था कि उसके और उसके पति दीपांशु के बीच वैवाहिक संबंध स्थापित नहीं हुए हैं। प्रियंका देवी का दावा है कि इसके बाद से ही रिया को मायके आने से रोका जाने लगा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रियंका देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के ससुराल पक्ष में पति दीपांशु, उसके पिता बिट्टू तथा माता बबीता सहित अन्य परिजनों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि उनकी बेटी पूरी तरह सुरक्षित और अपनी इच्छा से रह रही है तो प्रशासन उसके परिजनों से स्वतंत्र रूप से बातचीत कराए और उसे कुछ दिनों के लिए मायके आने की अनुमति दिलाए, ताकि परिवार की चिंता दूर हो सके।
पीड़ित परिवार ने पुलिस और जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए रिया की कुशलक्षेम की निष्पक्ष जांच कराने, उससे स्वतंत्र रूप से बातचीत कराने तथा यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि वह किसी प्रकार के दबाव में नहीं है। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी बेटी की सुरक्षा, उसके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और उससे मिलने का अवसर प्राप्त करना है।
