मिनचेरी में Koravi Sunshine को लेकर शिकायत, NHAI की अनुमति के बिना गेट और एंट्री प्वाइंट बनाने का दावा; जिला प्रशासन से कार्यक्रम रोकने और कथित अवैध कनेक्शन सील करने की मांग
बेल्लारी कर्नाटक। बेल्लारी-बेंगलुरु बायपास रोड NH-150A के किनारे मिनचेरी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे एक बड़े आवासीय और व्यावसायिक लेआउट Koravi Sunshine को लेकर सड़क सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। हलकुंडी गांव के एक निवासी और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रतिनिधि ने जिला प्रशासन, हाईवे अधिकारियों और संबंधित विभागों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि M/s Koravi Developers & Builders द्वारा हाईवे से सीधे जुड़ने वाले प्रवेश और निकास मार्ग, गेट तथा अन्य कनेक्शन तैयार किए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इन कनेक्शनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI से अनिवार्य NOC अथवा आवश्यक एक्सेस परमिशन प्राप्त किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में कहा गया है कि तेज रफ्तार वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट से अनियंत्रित तरीके से वाहनों की आवाजाही शुरू होने पर स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और रोजाना हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
6 सितंबर के Mega Plot Booking Day को लेकर भी चिंता
शिकायतकर्ता ने बताया है कि Koravi Sunshine परिसर में रविवार 6 सितंबर 2026 को Bhumi Pooja and Mega Plot Booking Day के नाम से Nage Habba कार्यक्रम प्रस्तावित है। शिकायत के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने, वाहनों की पार्किंग और हाईवे के किनारे ट्रैफिक दबाव बढ़ने की आशंका है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में वाहन सीधे हाईवे से जुड़े कथित अनधिकृत प्रवेश मार्गों का इस्तेमाल करते हैं तो सड़क पर जाम, अचानक ब्रेकिंग, गलत दिशा से प्रवेश और दुर्घटना जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसी आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन से कार्यक्रम से पहले तत्काल सुरक्षा व्यवस्था और वैधानिक जांच की मांग की गई है।
Supreme Court के आदेश का हवाला देकर उठाए सवाल
शिकायत में Suo-Moto W.P. Civil No. 09 of 2025 में 13 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम निर्देशों का हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन निर्देशों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में जिला प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
शिकायतकर्ता ने विशेष रूप से कथित तौर पर आदेश के Para 4(d) का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि क्या Koravi Sunshine के लिए लेआउट अप्रूवल, भूमि उपयोग परिवर्तन, NOC अथवा प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति देते समय NHAI की आवश्यक मंजूरी की जांच की गई थी।
शिकायत में Para 4(c) और 4(e) का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया गया है कि हाईवे के Right of Way यानी ROW क्षेत्र में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों, संरचनाओं और एक्सेस प्वाइंट के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि संबंधित लेआउट और हाईवे कनेक्शन के मामले में सभी आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ है या नहीं।
MoRTH के 2020 के दिशा-निर्देश भी किए पेश
शिकायतकर्ता ने अपने प्रतिनिधित्व के साथ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के 26 जून 2020 के पत्र No. RW-NH-33032/01/2017-S&R(R) का भी हवाला दिया है। दस्तावेज में राष्ट्रीय राजमार्ग से Fuel Stations, Wayside Amenities, Private Properties, Rest Area Complexes, connecting roads और अन्य सुविधाओं के लिए एक्सेस अनुमति से संबंधित संशोधित दिशा-निर्देशों का उल्लेख है।
शिकायतकर्ता के अनुसार इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य हाईवे पर यातायात के सुचारु प्रवाह, वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश को कम करने और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शिकायत में इस बात पर जोर दिया गया है कि हाईवे से किसी भी प्रकार का कनेक्शन निर्धारित नियमों और सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के अनुसार ही होना चाहिए।
पहले भी अधिकारियों को जानकारी देने का दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित अनधिकृत निर्माण और सड़क सुरक्षा के खतरे के संबंध में संबंधित हाईवे मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्टर तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विभाग को पहले ही सूचना दी जा चुकी है। इसके बावजूद आरोप के अनुसार मौके पर प्रभावी सुधारात्मक या नियामक कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता ने इसे लेकर प्रशासन पर चयनात्मक कार्रवाई का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि आम नागरिकों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग से छोटे कनेक्शन बनाए जाने पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाता है, जबकि बड़े प्रोजेक्ट के मामले में कथित तौर पर अलग रवैया दिखाई दे रहा है। हालांकि राजनीतिक प्रभाव या स्थानीय दबाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला मजिस्ट्रेट से मांग की है कि 6 सितंबर 2026 को प्रस्तावित कार्यक्रम की वैधानिक स्थिति की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही कथित अवैध हाईवे एक्सेस की जांच होने तक कार्यक्रम को रोकने, जरूरत पड़ने पर हाईवे से जुड़े प्रवेश मार्गों को सील करने और डेवलपर को बिना अनुमति हाईवे एक्सेस का संचालन बंद करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि NHAI और MoRTH के निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे मामले का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तथा यह जांच की जाए कि लेआउट को मंजूरी देने वाले संबंधित विभागों ने आवश्यक NHAI अनुमति और सड़क सुरक्षा मानकों का सत्यापन किया था या नहीं।
सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चिंता
हलकुंडी और आसपास के क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग से रोजाना आवागमन करने वाले लोगों के लिए सड़क सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि किसी बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में वाहन सीधे NH-150A पर आने-जाने लगते हैं और उसके लिए पर्याप्त सुरक्षित एक्सेस सिस्टम नहीं है तो भविष्य में दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
फिलहाल Koravi Developers & Builders की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या आधिकारिक जवाब दिया गया है, इसकी जानकारी शिकायतकर्ता के उपलब्ध प्रतिनिधित्व में नहीं दी गई है। मामले में जिला प्रशासन, NHAI और संबंधित स्थानीय प्राधिकरण की जांच तथा आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लेआउट, हाईवे कनेक्शन और प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं या नहीं।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से अपील की है कि किसी दुर्घटना या जनहानि की स्थिति बनने से पहले ही मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा नियमों का पालन किसी भी व्यक्ति या संस्था के लिए समान रूप से अनिवार्य होना चाहिए।
