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Wednesday, July 15, 2026

पांच बीघा खेत से रातोंरात पांच फुट मिट्टी गायब, 10 हजार रुपये देकर मिट्टी उठवाने और धोखाधड़ी का आरोप, विरोध करने पर दलित किसान को चाकू लेकर दौड़ाने का दावा

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बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत थाना क्षेत्र से भूमि विवाद, कथित अवैध मिट्टी खनन और धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम औसिक्का निवासी संदीप पुत्र पीतम सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी करीब साढ़े पांच बीघा कृषि भूमि से उनकी गैरमौजूदगी में रात के अंधेरे में लगभग पांच फुट तक मिट्टी निकालकर दूसरे व्यक्ति को बेच दी गई। पीड़ित का कहना है कि जब वह गांव लौटकर अपने खेत पर पहुंचा तो उसे खेत में जाने से रोक दिया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट, जातिसूचक गालियां, जान से मारने की धमकी तथा चाकू लेकर पीछा करने जैसी घटनाएं हुईं। मामले में पुलिस पर भी निष्पक्ष कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

संदीप का कहना है कि संबंधित कृषि भूमि उनकी मां अति रिक्त देवी, बड़े भाई प्रदीप और स्वयं उनके नाम दर्ज है। उनका आरोप है कि मुस्कुरान नामक व्यक्ति ने उनके बड़े भाई प्रदीप को कथित रूप से 10 हजार रुपये देकर खेत से मिट्टी उठवा ली। संदीप का दावा है कि इस संबंध में परिवार की सहमति नहीं ली गई और जब उन्होंने इस बारे में पूछताछ एवं विरोध किया तो आरोपियों ने कहा कि उन्होंने पैसे दे दिए हैं और अब कोई कुछ नहीं कर सकता। पीड़ित ने इसे धोखाधड़ी बताते हुए आरोप लगाया है कि बिना वैध अधिकार के उनकी कृषि भूमि से मिट्टी निकालकर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

पीड़ित के अनुसार वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गया हुआ था। इसी दौरान उसकी गैरहाजिरी का फायदा उठाकर आरोपियों ने खेत से बड़े पैमाने पर मिट्टी खुदवा ली। जब वह गांव वापस लौटा तो ग्रामीणों से उसे इस घटना की जानकारी मिली। खेत पर पहुंचने पर उसने देखा कि उसकी उपजाऊ भूमि पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। आरोप है कि खेत की मेड़, डोल, खेत तक जाने का रास्ता और सरकारी पानी की नाली तक खोदकर समाप्त कर दी गई, जिससे भविष्य में खेती करना भी मुश्किल हो गया है।

शिकायत में संदीप ने मुस्कुरान पुत्र शाहिद, नूरहसन तथा अन्य लोगों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने खेत पर कब्जे जैसी स्थिति बनाकर उसे खेत में प्रवेश तक नहीं करने दिया। विरोध करने पर कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई, जातिसूचक अपमानजनक शब्द कहे गए और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि आरोपी चाकू लेकर उसके पीछे दौड़े, जिससे वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला। उसका दावा है कि यदि वह समय रहते नहीं भागता तो उसके साथ कोई बड़ी वारदात हो सकती थी।

संदीप ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना की शिकायत बड़ौत थाने में किए जाने के बावजूद अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बागपत को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, एफआईआर दर्ज करने, कथित अवैध मिट्टी खनन और धोखाधड़ी की जांच कराने, आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।

शिकायत के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों में पीड़ित ने अपनी कृषि भूमि से संबंधित खतौनी का भी उल्लेख किया है। उसका कहना है कि राजस्व अभिलेखों में भूमि उसकी मां अति रिक्त देवी, बड़े भाई प्रदीप और उसके नाम दर्ज है, इसके बावजूद कथित रूप से बिना वैध अनुमति के खेत से मिट्टी निकाल ली गई और उसे भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

यह मामला अब केवल भूमि विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें कथित अवैध मिट्टी खनन, धोखाधड़ी, अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ कथित जातिसूचक दुर्व्यवहार, जानलेवा धमकी, सरकारी भूमि एवं नाली को नुकसान पहुंचाने तथा पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल भी चर्चा का विषय बन गए हैं। पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की सत्यता और लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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