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Monday, October 26, 2026

शादी का झांसा देकर पांच से छह साल तक शोषण का आरोप

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फरीदाबाद में नीतू की सीएम विंडो शिकायत से मामला चर्चा में, शादी की बात करने पर मारपीट और जान से मरवाने की धमकी देने का दावा, पीड़िता ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ से एक युवती की शिकायत का मामला सामने आया है, जिसमें शादी का भरोसा देकर पांच से छह वर्षों तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता नीतू ने बिहार के सिवान जिले के निवासी सत्यम बिहारी लाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे जल्द से जल्द पकड़ने और मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। युवती का आरोप है कि जब उसने शादी की बात कही तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और शादी करने से इनकार कर दिया गया। इतना ही नहीं, पीड़िता ने आरोपी के भाई चंदन पर भी जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अब इस मामले में नीतू ने आरोपी की मां देवंती देवी और उसके बड़े भाई की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

पांच से छह साल के रिश्ते के बाद शादी से इनकार का आरोप

नीतू के अनुसार, उसकी और सत्यम बिहारी लाल की पहचान फरीदाबाद के सेक्टर 24 स्थित मैसर्स मार्का कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी। युवती का कहना है कि दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और कथित तौर पर प्रेम संबंध बन गए। नीतू का आरोप है कि सत्यम ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और इसी भरोसे के आधार पर उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता के मुताबिक, पांच से छह साल बीत जाने के बाद भी जब शादी की बात आगे नहीं बढ़ी तो उसने सत्यम से स्पष्ट जवाब मांगा।

शादी की बात उठाने पर मारपीट करने का दावा

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी वह सत्यम से शादी के बारे में बात करती थी तो वह अपने परिवार को मनाने का आश्वासन देकर बात टाल देता था। नीतू का कहना है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और सत्यम ने शादी करने से इनकार कर दिया। पीड़िता के मुताबिक, इस घटनाक्रम ने उसकी जिंदगी को मुश्किल बना दिया है और अब वह न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है।

आरोपी की मां देवंती देवी और बड़े भाई पर भी उठाए सवाल

नीतू ने अब इस मामले में सत्यम की मां देवंती देवी और उसके बड़े भाई की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ जो कुछ हुआ, उसके बारे में परिवार के लोगों की जानकारी और भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। नीतू का दावा है कि आरोपी की मां और बड़े भाई को लेकर उसके मन में कई सवाल हैं। उसने आरोप लगाया है कि लड़कियों को प्रेम संबंध और शादी का भरोसा देकर कथित तौर पर उनसे संबंध बनाए जाते हैं और बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है तथा पैसों के लेनदेन का मामला भी हो सकता है। हालांकि, ये आरोप नीतू की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। देवंती देवी और आरोपी के बड़े भाई का पक्ष सामने आना बाकी है।

आरोपी के भाई चंदन पर धमकी देने का आरोप

पीड़िता ने अपनी शिकायत में सत्यम के भाई चंदन का भी उल्लेख किया है। नीतू के अनुसार, उसने मामले में हस्तक्षेप करने और शादी के विवाद का समाधान कराने के लिए चंदन से फोन पर बात की थी। युवती का आरोप है कि चंदन ने जिम्मेदारी लेने से इनकार किया और दोबारा फोन करने पर उसे जान से मरवाने की धमकी दी। यदि इस आरोप की पुष्टि होती है तो यह भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है। फिलहाल, धमकी के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

सीएम विंडो पर शिकायत देकर कार्रवाई की मांग

नीतू ने 4 अक्टूबर 2026 को सीएम विंडो पर शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में उसने अपना पता मकान नंबर 349, सेक्टर 3, पुलिस चौकी के पास, बल्लभगढ़, जिला फरीदाबाद बताया है। पीड़िता चाहती है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए, संबंधित लोगों से पूछताछ की जाए और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। नीतू की प्रमुख मांग है कि सत्यम बिहारी लाल को जल्द से जल्द पकड़कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

पीड़िता का सवाल, आखिर कब मिलेगा न्याय

नीतू का कहना है कि वह लंबे समय से इस मामले को लेकर परेशान है और अब उसे प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। उसका कहना है कि यदि किसी युवती को शादी का भरोसा देकर वर्षों तक संबंध में रखा जाता है और बाद में उसे छोड़ दिया जाता है, तो ऐसे आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। पीड़िता चाहती है कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और शिकायत पर जल्द कार्रवाई हो।

अब जांच पर टिकी निगाहें

इस मामले में सत्यम बिहारी लाल, उसकी मां देवंती देवी और बड़े भाई के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। आरोपी पक्ष का जवाब और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। इसलिए आरोपों को फिलहाल शिकायतकर्ता के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे शिकायत के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करें और साक्ष्यों के आधार पर उचित कदम उठाएं।

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