आज पूरी दुनिया की नजर दो लोगों पर हैं और ये दो लोग हैं- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। खबर है कि भारत और रूस के बीच ब्रह्मोस के एडवांस वर्जन पर बात हो सकती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और रूस के बीच ब्रह्मोस के नए और खतरनाक वर्जन पर समझौता हो सकता है। भारत और रूस मिलकर ब्रह्मोस के हल्के और ज्यादा रेंज वाले नए वर्जन बनाने की बात करेंगे। बता दें कि ब्रह्मोस का नया वर्ज़न पहले से भी ज्यादा खतरनाक होगा।
4 हजार किमी प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार
मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में भयंकर तबाही मचाई थी और अब उसका नया वर्ज़न पाकिस्तान को मलबे में बदल देगा। ब्रह्मोस का नेक्स्ट जेनरेशन वर्ज़न हर फाइटर जेट पर फिट हो सकेगा। नए वर्जन वाली ब्रह्मोस 1000-1500 किमी तक मार कर सकेगी। इसकी रफ्तार भी 4 हजार किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा होगी। ब्रह्मोस का नया वर्जन आकार में छोटा होगा जिसकी वजह से एक साथ 6-7 मिसाइल फाइटर जेट में फिट हो सकेंगी।
ब्रह्मोस का एडवांस वर्जन पहले से भी ज्यादा घातक-
ब्रह्मोस-NG (नेक्स्ट जेनरेशन)
बहुत हल्का (आधा वजन)
पहले से छोटा साइज
रफ्तार 4322 km/hr
800 Km रेंज से 400 किमी ज्यादा
एक जेट पर 6-7 मिसाइलें लेगेंगी
पल-पल का अपडेट ले रहे ट्रंप!
आपको बता दें कि आज पूरी दुनिया की नजर दो लोगों पर हैं और ये दो लोग हैं- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। ट्रंप पल-पल का अपडेट ले रहे हैं और शहबाज़ शरीफ बेचैन हो रहे हैं क्योंकि यूक्रेन के साथ युद्ध और नाटो के साथ टेंशन के बीच रूस के राष्ट्रपति पुतिन पहली बार भारत आ रहे हैं। पुतिन दो दिन यहां रहेंगे।
कौन-कौन से नए हथियार खरीदने पर होगा करार?
व्लादिमीर पुतिन आज शाम करीब 6 बजे तक दिल्ली पहुंच जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी आज पुतिन के लिए प्राइवेट डिनर होस्ट करेंगे। वहीं कल दोनों देशों के नेताओं के बीच बाइलेट्रल टॉक होगी। पुतिन का भारत दौरा डिफेंस सेक्टर के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़ा रक्षा सौदा होने की उम्मीद की जा रही है। दोनों देशों के बीच Su-57 फाइटर जेट की बात भी हो सकती है। SU-57 फिफ्थ जेनरेशन का स्टील्थ फाइटर प्लेन है। भारत के पास अभी फिफ्थ जेन का कोई प्लेन नहीं है। रूस ने इसे मॉडर्न एरियल वार फेयर के लिए बनाया है। जब तक दुश्मन का रडार पकड़ेगा, तब तक ये दुश्मन को हिट कर चुका होगा। रूस ने भारत को SU-57 के टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का ऑफर दिया है। अगर भारत रूस का ऑफर मान लेता है तो भारत में ही इसका निर्माण भी होगा।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच एस-400 समेत कई बड़ी डिफेंस डील हो सकती है। डिफेंस समझौते के अलावा दोनों नेताओं के बीच टेक्नोलॉजी, एटॉमिक एनर्जी और maritime ट्रेड यानी समुद्री व्यापार सेक्टर पर भी डील होने की उम्मीद है।
