रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविन्दगढ़ थाना क्षेत्र का एक मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। टीकर हरदुआ टोला निवासी 24 वर्षीय रामदास बहेलिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिजनों का आरोप है कि प्रेम प्रसंग को लेकर पहले से जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं, लेकिन समय रहते पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। अब परिवार पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहा है।
परिजनों के अनुसार रामदास बहेलिया 11 फरवरी 2026 की सुबह घर से निकला था। उसने घरवालों से कहा था कि वह शौच के लिए पाडेन वाली पुलिया की ओर जा रहा है और उसके बाद ड्यूटी पर जाएगा। परिवार का दावा है कि सुबह लगभग 7:55 बजे उसकी अंतिम बार फोन पर बात हुई, जिसमें उसने कहा कि “दादू धनीराम बहेलिया आ रहे हैं, बाद में बात करता हूं।” इसके बाद उसका मोबाइल पहले व्यस्त और फिर बंद हो गया। उसी दिन से वह लापता हो गया।
परिवार का कहना है कि लापता होने के दौरान अंजली बहेलिया नाम की युवती लगातार उनके घर आती रही और दावा करती रही कि रामदास की जान को खतरा है। परिजनों के अनुसार युवती ने यह भी बताया था कि उसके पिता धनीराम बहेलिया रामदास को नुकसान पहुंचाने की बात कर चुके हैं। परिवार का कहना है कि इन बातों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है।
घटना ने 19 फरवरी 2026 को भयावह मोड़ ले लिया, जब पाडेन वाली पुलिया के पास जंगल में एक लकड़हारे ने पेड़ से लटका हुआ शव देखा। सूचना पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। कपड़ों, जूते, बाइक की चाबी और अन्य सामान के आधार पर शव की पहचान रामदास बहेलिया के रूप में हुई। परिजनों का आरोप है कि शव कई दिन पुराना था और उसकी हालत बेहद खराब थी।
परिवार का आरोप है कि शव पर ऐसे कई निशान थे, जो सामान्य फांसी के मामले से अलग प्रतीत होते हैं। उनका दावा है कि शरीर क्षत-विक्षत था, चेहरे की पहचान मुश्किल हो गई थी, सिर और सीने पर गहरे चोट के निशान थे तथा गर्दन की स्थिति भी संदिग्ध थी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि शव के साथ छेड़छाड़ की गई और घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इनकी जांच पुलिस व फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
परिजनों का कहना है कि रामदास और अंजली बहेलिया के बीच प्रेम संबंध था, जिसका युवती के परिवार द्वारा विरोध किया जा रहा था। उनका आरोप है कि इसी विवाद के चलते रामदास पर दबाव बनाया गया, धमकियां दी गईं और कथित रूप से पांच लाख रुपये की मांग भी की गई। परिवार का कहना है कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
मृतक की मां इन्द्रावती बहेलिया ने पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए आवेदन में धनीराम बहेलिया, उसके परिवार तथा कुछ अन्य लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए उनके मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, लोकेशन और मृतक के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तकनीकी जांच कराई जाए तो पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकता है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार थाना गोविन्दगढ़ में शिकायत की, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद रामदास की जान बचाई जा सकती थी। अब भी हत्या का प्रकरण दर्ज करने और विशेष जांच दल गठित करने की मांग की जा रही है।
