जनपद सुल्तानपुर की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम कोड 169747 में चरागाह व श्मशान भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग डेढ़ साल से सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर चुके है, और उसे जमीन को इस्तेमाल कर रहे हैं गेट भी लगवा लिया, जबकि राजस्व अभिलेखों में यह भूमि ग्राम समाज के नाम दर्ज है।
फसली वर्ष 1430–1435 (01 जुलाई 2022 से 30 जून 2028) की खतौनी के अनुसार गाटा संख्या 2175 बारागाह (स्थाई पशुचर भूमि) के रूप में दर्ज है। यह भूमि श्रेणी 5-3-ग/कृषि योग्य बंजर स्थाई पशुचर भूमि में आती है। कुल क्षेत्रफल 0.6320 हेक्टेयर दर्ज है तथा भू-राजस्व शून्य दशम दर्शाया गया है।
इसके अलावा खतौनी में गाटा संख्या 2167, क्षेत्रफल 0.7590 हेक्टेयर, “मरघट (श्मशान)” के रूप में अंकित है। नामांतरण/खातेदार श्रेणी परिवर्तन से संबंधित प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत हुआ था, जिसे खारिज कर दिया गया।
प्रधान व पति पर आरोप
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान अजरा बेगम तथा उनके पति असलम बेग (उर्फ सब्बू) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कथित रूप से कब्जे का विरोध करने वालों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पुलिस पर भी पक्षपात का संदेह है, हालांकि इस संबंध में प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बताया जा रहा है कि संबंधित पक्ष का पता पोस्ट सैफुल्लागंज, जनपद सुल्तानपुर (पिन कोड 228119) है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल स्थलीय जांच कराकर चरागाह और श्मशान जैसी सामुदायिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराए तथा यदि धमकी के आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
कानून गो और लेखपाल यह पुष्टि कर चुके हैं की चरागाह जमीन है और इस पर कब्जा किया गया है।
