सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की ग्राम पंचायत खमरिया में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिकायतकर्ता बीर सींग घोषी ने आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि के सीमांकन की मांग लंबित होने के बावजूद प्रशासन और पंचायत ने सड़क निर्माण शुरू करा दिया है। उनका कहना है कि जब तक जमीन का राजस्व सीमांकन नहीं हो जाता, तब तक निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए था, लेकिन उनकी आपत्तियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
बीर सींग घोषी के अनुसार, उनकी कृषि भूमि खसरा नंबर 270 से सड़क निकाली जा रही है। उन्होंने इस संबंध में सक्षम अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर सीमांकन कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन नहीं कराया गया। इसके बावजूद पंचायत ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान उनकी भूमि पर स्थित कई वर्षों पुराना आम का एक बड़ा वृक्ष तथा चार छोटे वृक्ष भी काटकर गिरा दिए गए। उनका कहना है कि यह कार्रवाई बिना उनकी सहमति और आपत्तियों का निराकरण किए की गई, जिससे उन्हें आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों तरह का नुकसान हुआ है।
बीर सींग घोषी ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की सरपंच सुनीता तथा उनके पति राम लखन अपनी दबंगई के दम पर सड़क निर्माण करा रहे हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान पुलिस बल भी मौके पर बुलाया गया और विरोध के बावजूद काम जारी रखा गया।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण और पेड़ों को हटाने का विरोध करने के बाद अब उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्थानीय मंडल अध्यक्ष राम लखन भी पूरे मामले में पंचायत का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने क्षेत्रीय विधायक बृज बिहारी पटेरिया से भी अनुरोध किया था कि पहले जमीन का सीमांकन कराया जाए और उसके बाद ही सड़क निर्माण कराया जाए, लेकिन उनकी मांग पर अमल नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगभग 800 वोट विधायक के पक्ष में दिलाने में भूमिका निभाई थी, लेकिन अब उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
बीर सींग घोषी ने यह भी आरोप लगाया है कि मंडल अध्यक्ष राम लखन के सरकारी भूमि पर तीन मकान बने हुए हैं और लगभग 80 डिसमिल भूमि भी बची हुई है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकारी स्कूल की इमारत को बिना नोटिस और बिना विधिक प्रक्रिया पूरी किए गिरा दिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विवादित भूमि का निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए, पूरे मामले की जांच कराई जाए, पेड़ों की कटाई और कथित धमकियों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा जांच पूरी होने तक सड़क निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में विवाद और गहरा सकता है।
(नोट: समाचार में वर्णित सभी आरोप शिकायतकर्ता बीर सींग घोषी द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उपलब्ध आवेदन/जानकारी के आधार पर प्रकाशित किए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
