बलिया। जनपद के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के जैदोपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। गांव निवासी शिवनारायण यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी आराजी संख्या 358, रकबा 0.083 हेक्टेयर स्थित भूमि पर कुछ विपक्षी पक्षकार न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद जबरन कब्जा और निर्माण कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं। मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार शिवनारायण यादव पुत्र स्वर्गीय लालू यादव ग्राम जैदोपुर, थाना बांसडीह रोड, जनपद बलिया के निवासी हैं। उनका कहना है कि उक्त भूमि उनके कब्जे और स्वामित्व से संबंधित है तथा इस संबंध में सिविल जज जू. डि. पश्चिमी बलिया की अदालत में वाद संख्या 875/2014, शिवनारायण बनाम जंगल यादव, विचाराधीन है।
दस्तावेजों के अनुसार न्यायालय ने 18 मई 2016 को अस्थायी निषेधाज्ञा जारी करते हुए दोनों पक्षों को विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने और कब्जा अथवा निर्माण कार्य न करने का निर्देश दिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद अशोक यादव, राजेश यादव तथा मंगल यादव द्वारा भूमि पर मिट्टी भराई, नींव खुदवाने और निर्माण कार्य शुरू कराने की कोशिश की गई।
शिवनारायण यादव ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर भय है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इसी मामले में जितेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि गांव के प्रधान विनोद गिरी के पुत्र बबलू गिरी द्वारा विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उनका कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।
मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक बलिया और जिलाधिकारी बलिया से हस्तक्षेप कर अवैध कब्जा और निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और विवादित भूमि की स्थिति को सुरक्षित रखने की भी मांग की है।
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत में भी यही आरोप दोहराए गए हैं कि विपक्षी पक्षकार न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं और शिकायतकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि भूमि विवाद के कारण गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
प्राप्त अभिलेखों के अनुसार यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए विवादित भूमि के स्वामित्व और कब्जे से संबंधित अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
