कानपुर नगर। कमिश्नरेट कानपुर नगर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम राजाराम सराय (विलसही खुर्द) में देर रात हुई चोरी की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके घर के ठीक सामने रहने वाले पड़ोसी और उसके साथियों ने घर की पिछली दीवार में सेंध लगाकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक उनकी प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज नहीं की है, जबकि पीड़ित परिवार की बेटी ने कथित आरोपियों को पहचान लेने का दावा भी किया है।
पीड़ित परिवार के सदस्य सूरज पाल एवं उनके पिता जीवनलाल पुत्र स्वर्गीय राजाराम ने बताया कि 11 और 12 जुलाई 2026 की दरमियानी रात करीब 2 बजे उनके घर में चोरी की वारदात हुई। उस समय परिवार के अधिकांश सदस्य बारात में गए हुए थे। घर पर केवल जीवनलाल की पत्नी मुन्नी देवी, उनकी 70 वर्षीय माता सिया दुलारी, पुत्रियां चांदनी और रौशनी तथा नाबालिग पुत्र अमर मौजूद थे। परिवार की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर चोरों ने घर के पीछे की दीवार में सेंध लगाई और अंदर घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया।
परिवार के अनुसार चोर घर से दो सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, लगभग 50 ग्राम चांदी की तोड़ियां (पायल) तथा 40 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। पीड़ितों का कहना है कि यह नकदी हाल ही में गेहूं और एक बकरे की बिक्री से प्राप्त हुई थी, जिसे घर में सुरक्षित रखा गया था।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के दौरान उनकी बेटी चांदनी की नींद खुल गई। वह जैसे ही घर के अंदर पहुंची तो उसने तीन लोगों को देखा। चांदनी के शोर मचाते ही तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
परिवार का आरोप है कि चांदनी ने गांव के ही सुरेंद्र पुत्र छोटेलाल को स्पष्ट रूप से पहचान लिया था। उसके साथ पिछले करीब चार महीने से सुरेंद्र के घर में रह रहा ओमी (जिसे कुछ लोग रोनी के नाम से भी जानते हैं) तथा एक अन्य अज्ञात व्यक्ति भी मौजूद था। पीड़ितों का कहना है कि सुरेंद्र का मकान उनके घर के ठीक सामने स्थित है, इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
घटना की सूचना रात करीब 2:20 बजे परिवार को मिली, जिसके बाद वे सुबह लगभग 4 बजे घर पहुंचे। तत्काल डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के खेतों से चोरी के दौरान ले जाए गए लोहे के दो संदूक बरामद कर लिए। इसके बावजूद पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अब तक न तो विधिवत एफआईआर दर्ज की और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई की।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने थाना महाराजपुर में लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच, चोरी गए जेवरात और नकदी की बरामदगी तथा आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। इस कारण परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब पीड़ित पक्ष द्वारा संदिग्धों के नाम बताए जा चुके हैं और पुलिस घटनास्थल से चोरी का सामान भी बरामद कर चुकी है, तब भी प्राथमिकी दर्ज होने में देरी क्यों हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पीड़ित परिवार ने कमिश्नरेट कानपुर नगर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, तत्काल एफआईआर दर्ज करने, चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
