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Friday, May 22, 2026

जीत के जश्न में डूबी GT को SRH का डर! क्या हैदराबाद करेगा गुजरात को टॉप-2 से बाहर?

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गुजरात टाइटंस ने अपने आखिरी मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रनों से हरा दिया। इस बड़ी जीत के बाद भी गुजरात पर टॉप-2 से बाहर होने का खतरा है। SRH की टीम GT को टॉप-2 से बाहर कर सकती है।IPL 2026 का लीग स्टेज अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। लीग स्टेज में अब आखिरी कुछ मुकाबले बचे हुए हैं। 22 मई को जारी सीजन में RCB और SRH के बीच मैच खेला जाएगा। वहीं 21 मई को खेले गए मैच में गुजरात टाइटंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रनों से मात दी। यह GT के लिए आईपीएल इतिहास की रनों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ ही गुजरात की टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में मौजूद है, लेकिन लीग चरण के समाप्त होने तक भी GT टॉप-2 में रहेगी या नहीं, इसको लेकर अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता। गुजरात की टीम पर टॉप-2 से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
पॉइंट्स टेबल में तीसरे नंबर पर है SRH
सनराइजर्स हैदराबाद की टीम गुजरात टाइटंस को पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 से बाहर कर सकती है। SRH 13 मैचों में 16 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। आज उनका लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला टेबल टॉपर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ है। हैदराबाद की टीम पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। लेकिन आज उनकी नजरें आरसीबी को हराकर टॉप-2 में जगह बनाने पर होगी। चलिए अब हम आपको बताते हैं कि हैदराबाद की टीम को टॉप-2 में जगह बनाने के लिए क्या करना होगा।

टॉप-2 में पहुंचने के लिए SRH को क्या करना होगा?
अगर सनराइजर्स हैदराबाद की टीम आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में पहले बैटिंग करते हुए 220 रन बोर्ड पर लगाती है तो उन्हें नेट रन रेट के मामले में GT से आगे निकलने के लिए 88 रनों से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं अगर वह 200 रन डिफेंड कर रहे हैं तो उन्हें 87 रनों से जीत दर्ज करनी होगी। सनराइजर्स हैदराबाद के सामने आरसीबी अगर 150 रन का टारगेट सेट करती है तो हैदराबाद को यह टारगेट लगभग 11.3 ओवर के अंदर चेज करना होगा। इसका मतलब साफ है कि अगर सनराइजर्स हैदराबाद को नेट रन रेट के मामले में बढ़त हासिल करने के लिए आरसीबी के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।

टॉप-2 में रहने वाली टीमों को क्या फायदा मिलता है?
अब आप ये सोच रहे होंगे कि आईपीएल के प्लेऑफ में जगह बनाने वाली टीमें हमेशा टॉप-2 में क्यों बने रहना चाहती हैं और इससे उन्हें क्या फायदा मिलता है। बता दें कि टॉप-2 में जगह बनाने का फायदा यह है कि फाइनल में पहुंचने के लिए टॉप की दो टीमों को दो मौके मिलेंगे। अगर क्वालीफायर-1 में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ता है तो उन्हें फाइनल में पहुंचने के लिए क्वालीफायर-2 में खेलने का मौका मिलेगा। वहां उनका सामना एलिमिनेटर के विजेता टीम से होगा। एलिमिनेटर मैच तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच खेला जाता है।

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