4.7 C
Munich
Wednesday, November 4, 2026

40 साल से ज्वेलर्स की दुकान पर काम कर रहे बुजुर्ग कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान बाइक ने मारी टक्कर, पैर में फ्रैक्चर; इलाज का खर्च उठाने से मालिक परहेज करने का आरोप

Must read

मुजफ्फरपुर में 65 वर्षीय जगदीश रावत के साथ हादसा, पैर में स्टील की रॉड डालकर किया गया ऑपरेशन; बेटे की नौकरी भी पिता के इलाज में छूटी, दुकान मालिक से आर्थिक मदद की गुहार

मुजफ्फरपुर। जिले में एक बुजुर्ग कर्मचारी के साथ हुए सड़क हादसे के बाद इलाज और आर्थिक मदद को लेकर परिवार परेशान है। पीड़ित कृष्ण मोहन रावत का आरोप है कि उनके 65 वर्षीय पिता जगदीश रावत पिछले करीब 40 वर्षों से स्वर्ण मंदिर ज्वेलर्स नामक दुकान पर काम कर रहे हैं। दुकान मुरादपुर में स्थित है और इसके मालिक का नाम रोनी दयाल बताया गया है। परिवार के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को उनके पिता दुकान के काम से सब्जी लेने गए थे। इसी दौरान सड़क पर गलत दिशा से आ रही एक बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

कृष्ण मोहन रावत के अनुसार, हादसे में उनके पिता के पैर में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। हालत गंभीर होने के कारण उनका ऑपरेशन कराना पड़ा, जिसमें पैर में स्टील की रॉड डाली गई है। परिवार का कहना है कि बुजुर्ग पिता की उम्र 65 वर्ष है और इस उम्र में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल उनके इलाज और देखभाल की जिम्मेदारी परिवार पर आ गई है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जगदीश रावत दुकान मालिक रोनी दयाल के काम से ही सब्जी लेने गए थे और इसी दौरान यह हादसा हुआ। इसके बावजूद दुकान मालिक की ओर से अब तक इलाज के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई है। कृष्ण मोहन का कहना है कि उन्होंने कई बार दुकान मालिक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन न तो उनका फोन उठाया जा रहा है और न ही इलाज के खर्च को लेकर कोई मदद मिल रही है। परिवार को उम्मीद थी कि चार दशक तक दुकान पर काम करने वाले बुजुर्ग कर्मचारी के साथ हादसा होने पर मालिक उनकी मदद करेंगे, लेकिन अब तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।

कृष्ण मोहन ने बताया कि उनका परिवार साधारण आर्थिक स्थिति वाला है। पिता के अचानक दुर्घटनाग्रस्त होने और ऑपरेशन के बाद परिवार पर इलाज का भारी बोझ आ गया है। पिता की देखभाल और अस्पताल के चक्कर लगाने के कारण कृष्ण मोहन की निजी कंपनी में चल रही नौकरी भी छूट गई। अब परिवार के सामने एक साथ दो बड़ी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। एक तरफ बुजुर्ग पिता के इलाज और आगे की देखभाल का खर्च है, वहीं दूसरी तरफ बेटे की नौकरी छूटने से घर की आमदनी भी प्रभावित हो गई है।

परिवार का कहना है कि जगदीश रावत ने करीब 40 वर्षों तक एक ही दुकान पर मेहनत और ईमानदारी से काम किया। अब जब वह ड्यूटी के दौरान दुकान के काम से बाहर गए थे और हादसे में घायल हो गए, तो उनके इलाज और आर्थिक सहायता की जिम्मेदारी को लेकर परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।

कृष्ण मोहन रावत ने संबंधित प्रशासन और दुकान मालिक से मांग की है कि उनके पिता के इलाज में आर्थिक सहायता दी जाए और आगे के उपचार तथा स्वास्थ्य लाभ के लिए भी सहयोग किया जाए। परिवार चाहता है कि चार दशक तक सेवा देने वाले बुजुर्ग कर्मचारी को इस मुश्किल समय में अकेला न छोड़ा जाए। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से भी मामले का संज्ञान लेकर उचित सहायता दिलाने की अपील की है, ताकि जगदीश रावत का इलाज बिना आर्थिक परेशानी के जारी रह सके और परिवार को समय रहते राहत मिल सके।

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article